Guldasta

A bouquet of flowers picked along the way ….

दो कदम और सही (two more steps) January 24, 2010

Filed under: life,love,Me,poetry — gurdas @ :

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कुछ थका हुआ कुछ डरा हुआ
पर उमीदों और हौंसलों से भरा हुआ
एक अनजान रस्ते पे थमते और चलते हुए कदम
और कितने कदम का है ये सफ़र
बस दो कदम और सही

.

न अंधेरों की खबर न खाई का डर
एक अनदेखी मंजिल पे टिकी नज़र
एक निरंतर कोशिश एक अनंत संघर्ष
और कितने कदम पे है सफलता
बस दो कदम और सही

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न आराम की चाह न भूक की पहचान
जैसे दाव पे लगी हुयी है जान
जैसे दरिया की दौड़ सागर तक
और कितने कदम पर होगा विलय
बस दो कदम और सही

.

क्या कभी वोह होंगें हमारे
कब हर सांस पे मेहेकेंगी दो सांसें
ज़िन्दगी की सबसे अनमोल खोज पे चलते हुए
मैं खुद से सिर्फ एक वादा करता गया

.

बस दो कदम और सही

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Credits:

Title is inspired by the song Do Kadam from the movie Meenaxi.

I used IIT Mumbai’s English to Hindi dictionary for some words.

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